एकता सदन में मैं आराम से हूं।
एकता----- एकता मेरे ताउजी हुणताराम की बेटी है। बेटी के नाम से घर का नाम, मुझे खुशी है। एकता दीदी मेरे हरदम पास रहेगी। और तो और वह नटखट भी है। अपनी फोटो खिंचवाने से भी परहेज करती है।
मेरे पास हरदम रहने वालों में पूनम दीदी का भी नाम है। पूनम दीदी हमारे पड़ौसी नारायण ताउजी की बेटी है। पूनम दीदी फोटो भी बड़े सलीके से खिंचवाती है। देखेंगे आप -
एकता----- एकता मेरे ताउजी हुणताराम की बेटी है। बेटी के नाम से घर का नाम, मुझे खुशी है। एकता दीदी मेरे हरदम पास रहेगी। और तो और वह नटखट भी है। अपनी फोटो खिंचवाने से भी परहेज करती है।
मेरे पास हरदम रहने वालों में पूनम दीदी का भी नाम है। पूनम दीदी हमारे पड़ौसी नारायण ताउजी की बेटी है। पूनम दीदी फोटो भी बड़े सलीके से खिंचवाती है। देखेंगे आप -
हां, यह वादा है कि मैं दो-तीन महीने बाद जब गांव से चूरू लौटूगीं तब आपसे लगातार मिलती रहूंगी।
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