Sunday, November 29, 2009

मेरा नाम

मेरा नाम मुझे मिल गया है। आप आज के बाद मुझे कृतिका के नाम से पुकार सकते हैं। निकटवर्ती कस्‍बे साहवा के पण्डित श्री डूंगरमल जी सारस्‍वत ने विधि-विधान पूर्वक दिनांक 26 नवम्‍बर, 2009, गुरूवार को नामकरण किया। सच में, मैं बहुत खुश हूं। आप भी खुश हैं ना।

मेरे दादाजी भी खुश हैं-
ध्‍यान से देखो ये मैं ही हूं, मैं यानी कृतिका चौधरी।